“पाकिस्तान पर कार्रवाई से पहले अपने यहां सक्रिय पाकी लाॅबी को ध्वस्त करे अमेरिका, सभी पाकिस्तानियों को वापस भेजे” in Punjab Kesari

पिछले वर्ष अगस्त में अमेरिकी राष्टंपति डोनाल्ड टंप द्वारा दक्षिण एशिया नीति की घोषणा के बाद समय का पहिया तेजी से घूमा। शुरू में तो पाकिस्तानी विश्लेषक टंप को सिरफिरा और बिगड़ैल बता कर उसकी नई नीति का मजाक उडा़ते रह।े हाल ही में अमेिरका से लाटै े पाक सने टे की सरु क्षा समिति के प्रमुख मुशाहिद हुसैन स ̧यद ने तो ये तक कहा कि जब कोई अमेरिका में ही टंप को गंभीरता से नहीं लेता, तो पाकिस्तान को भी उसकी बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। लेकिन अमेरिका द्वारा पहले 255 मिलियन डाॅलर आरै फिर कलु 1.1 बिलियन डाॅलर की सरु क्षा सहायता बदं करने के एलान के बाद पाकिस्तान को अहसास हो गया कि मामला बेहद गंभीर हो चुका है। अभी तो सुरक्षा सहायता बंद हुई है, अगर ऐसे ही चलता रहा तो संभव है मानवीय और विकास की मद में दी जा रही सहायता राशी भी रोक दी जाए।
अमेरिकी संसद मंे बलूचिस्तान को लेकर पहले ही कुछ बिल लंबित हैं, अब रिपब्लिकन सेनेटर रंैड पाॅल ने कहा है कि वो पाकिस्तान को हर तरह की सहायता बंद करने के संबंध में जल्दी ही विधेयक लाएंगे। राष्टंपति टंप ने इसे ‘गुड आइडिया’ कह कर इसका स्वागत भी किया है। इस बीच वाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी कह रहे हैं कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अमेरिका के सामने सभी विकल्प खुले हैं। लेकिन बड़ा सवाल अब ये है कि क्या टंप प्रशासन ‘आॅक्टोपस’ 1⁄4सेना और हथियार उद्योग की लाॅबी1⁄2 के भीतराघातों को निरस्त कर पाएंगे जिसका पाकिस्तानी सेना और संभ्रांत वर्ग से गहरा और पुराना रिश्ता ह?ै
इस रिश्ते की एक बानगी हैं पाकिस्तानी विेदश मंत्री ख्वाजा आसिफ जिन्होंने अमेरिका के खिलाफ मोर्चा संभाला हुआ है। इन्होंने अमेरिका को ‘यार मार’ तक बता दिया है। ये अमेरिका को सरेआम ललकार रहे हैं और उसकी ईंट से ईंट बजाने की धमकी तक दे रहे हैं। लेकिन विश्लेषक उनकी धमकियों पर ही सवाल उठा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है उनके बच्चों का उसी अमेरिका में बसे होना जिसकी वो ईंट से ईंट बजाना चाहते हैं। ख्वाजा आसिफ की तीन लड़कियां और एक लड़का है। उनकी सबसे बड़ी बेटी अतिका सफदर ख्वाजा स्वतंत्र लेखक हैं और न्यूयाॅर्क में रहती हैं। उनकी दूसरी लड़की अमीरा सफदर ख्वाजा ने विदेश से पत्रकारिता की पढ़ाई की है जबकि उनकी सबसे छोटी बेटी फातिमा की शादी हाल ही मंे अमेि रकी पाकिस्तानी व्यापारी सल्ु तान खान के बटे  समीर से र्हइु हैं। फातिमा की शादी हालांकि लाहौर में हुई, लेकिन सगाई अमेरिका में ही हुई थी। उनका लड़का ख्वाजा मुहम्मद असद भी अमेरिका में बसा हुआ है।
जाहिर है पाकिस्तानी नते ा आरै जनरल इस्लाम आरै दश्े ाभक्ति के नाम पर आम नागरिक के साथ दोगला खेल खेलते हैं। एक तरफ तो वो लोगांे को उकसाते हैं कि वो अपने देश की खातिर सूली पर चढ़ने के लिए तैयार रहें, वहीं दूसरी ओर उनके खुद के बच्चे विदेशों में पढ़ाई करते हैं और वहां नौकरियां और व्यापार करते हैं। वो पाकिस्तान मंे खुला भ्रष्टाचार करते हैं और अपनी काली कमाई का विदेशों में निवेश करते हैं। अगर पाकिस्तान युद्ध मंे तबाह होता है तो फर्क आम पाकिस्तानी को ही पड़ेगा, ये तो विदेश भाग जाएंगे। इसलिए अगर अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों को पाकिस्तान के खिलाफ कोई कार्रवाई करनी है तो तीन काम पहले करने होंगे – 1. अमेरिकी आॅक्टोपस और पाकिस्तान की सेना और नेताआंे के साथ उसके रिश्तांे की रीढ़ तोड़नी होगी, 2. अमेरिका और उसके सहयोगी नैटो देशों में बसे जनरलों और नेताओं के बच्चों और अन्य रिश्तेदारांे को वापस भेजना होगा और 3. विदेशों में निवेशित इनकी काली कमाई को जब्त करना होगा। वाइट हाउस के अधिकारी पाकिस्तान के खिलाफ हर विकल्प ‘खुला’ होने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अगर पाकिस्तानी सेना और उसके मोहरे नेताआंे को घुटने पर लाना है, तो सबसे पहले इन विकल्पांे पर विचार करना
चाहिए।
अमेरिकी आॅक्टोपस और पाकिस्तानी सेना और राजनीति के संबंध कितने गहरे हैं उसे इस बात से समझा जा सकता है कि पाकिस्तान के लगभग हर बड़े जनरल और नेता के बच्चे/रिश्तेदार अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशांे में बसे हैं। जनता को देशभक्ति के नाम पर बेवकूफ बनाने वालांे में सबसे ऊपर नाम है पूर्व राष्टंपति और तानाशाह जनरल परवजे मश्ु ारर्फ का जो भारत विराध्े ाी आरै आतकं वाद समर्थक बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। ये खुद को देश का सबसे बड़ा देशभक्त मानते हैं और हाल ही में इन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि सरकार को विदेशों में बसे देश के दुश्मनों को मरवा देना चाहिए। इनपर बेनजीर भुट्टो के कत्ल का आरोप भी है। इनकी मूर्खतापूर्ण नीतियों के कारण हजारों पाकिस्तानियों ने जान गंवाई, लेकिन कम ही लोगों को मालूम होगा कि ये पाकी जनरल अरबपति भी है। जुलाई 2016 में पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने एक अदालती मामले के सिलसिले में बताया कि मुशरर्फ के पास देश में आठ संपत्तियां और नौ बंैक खाते हैं जिनकी कीमत अरबांे में हैं। ये तो सिर्फ पाकिस्तानी संपत्तियां हैं, इसके अलावा इनके पास इंग्लंैड, अमेरिका, दुबई, रियाद आदि मंे भी अनेक संपत्तियां हैं। इनकी पत्नी और बच्चों के पास भी बेशुमार दौलत है। इन्होंने देशभक्ति भले ही जसै ी भी की हो पर दश्े ा को भी भरपरू लटू ा। ध्यान रहे इनका बटे ा बिलाल मश्ु ारर्फ अमेि रकी नागरिक है। इनका बड़ा भाई डाॅक्टर जावेद मुशरर्फ अर्थशास्त्री है जो रोम में बसा है। इनका छोटा भाई नावेद मुशरर्फ एनिस्थोलाॅजिस्ट है जो अमेरिका में बसा है।
पाकिस्तान में सेना के जनरलों के पास लंबी चैड़ी जमीनें होना कोई अपवाद नहीं है। असल में वहां सेना के जनरलों को सेवानिवृत्ति पर 10 एकड़ जमीन दी जाती है और सेना प्रमुख को इसके अलावा 40 एकड़ अतिरिक्त जमीन मिलती है। वर्तमान सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से पहले सेना प्रमुख रहे राहिल शरीफ को को भी 50 एकड़ जमीन दी गई जिसपर काफी विवाद भी हुआ। ये मामला तब शांत हुआ जब सेना ने इस विषय में अपने नीति-नियमों का सार्वजनिक तौर पर खुलासा किया।
लेकिन पाकिस्तान में सिर्फ जनरलों के पास ही लंबी-चैड़ी जायदादें नहीं हैं। वहां के राजनेता भी अपनी दौलत और विलासिता पूर्ण जीवन के लिए जाने जाते हैं। पाकिस्तान मुस्लिम लीग, नवाज के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पाकिस्तान के सबसे अमीर लोगों में गिने जाते हैं। उनकी अनेक स्टील, चीनी और पेपर मिलंे हैं। उनके बेटे हसन और हुसैन इंग्लंैड में बसे हैं और वहीं से पारिवारिक व्यापार संभालते हैं। पनामा लिस्ट में नाम आने के बाद, पिछले वर्ष जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। अब वो और उनके परिवार के सदस्य भ्रष्टाचार, हवाला, अघोषित संपत्तियों आदि के कई मामलों में मुकदमों का सामना कर रहे हैं। नवाज शरीफ के समधि इसहाक डार दश्े ा के वित्त मत्रं ी हैं आरै उनपर भी भष््र टाचार के अनेक आरोप हैं। इसहाक डार के बड़े लड़के की शादी नवाज शरीफ की बड़ी बेटी अस्मा नवाज से वर्ष 2004 में जद्दे ाह, सउदी अरब में हइु र्। कहा जाता है कि मकु दमांे से बचने के लिए इसहाक डार आजकल लंदन के एक अस्पताल में भर्ती हैं और वहीं से वित्त मंत्रालय चला रहे हैं।
भष््र टाचार पर सिर्फ पाकिस्तान मुस्लिम लीग, नवाज का ही एकाधिकार नहीं है। प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपल्स पार्टी भी कुछ कम नहीं है। बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद इसके प्रमुख बने उनके पति आसिफ अली जरदारी को मिस्टर टेन परसेंट कहा जाता था। यानी वो हर सरकारी ठेके में दस प्रतिशत कमीशन लेते थ।े पाकिस्तानी के जानमे ाने जमीदं ार जरदारी की इग्ं लडंै , अमेि रका मंे ही नहीं खाड़ी के देशों में भी अकूत संपत्ति हैं।
जाहिर है अमेि रका को पाकिस्तान के खिलाफ र्काइे भी बडा़ कदम उठाने से पहले ये सुि नश्चत कर लेना चाहिए कि उसका उसका निशान कौन बनेगा और उसका अपेक्षित परिणाम मिलेगा कि नहीं। अगर अमेरिका पाकिस्तान में आतंकवादियांे की तलाश में अंधे डंोन हमले करता है तो इससे आम पाकिस्तानी को जान-माल की भारी तबाही हागे ी, लेि कन असली दाष्े ाी यानी पाकिस्तानी जनरल आरै उनके इशारे पर सरकार चलाने वाले अमीर नेता फिर भी बचे रहेंगे। अगर अमेरिका को पाकिस्तान को राह पर लाना है तो इन दोनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने होंगे। वैसे भी आतंकवादी तो सिर्फ सेना के माहे रे हैं, उन्हें समाप्त करके कछु हासिल नहीं हागे ा। कछु दिन बाद सैि नक जनरल कछु आरै माहे रे खड़े कर देंगे।
अमेरिका को अगर अफगानिस्तान में सफलता हासिल करनी है तो पाकिस्तानी सेना की अफगान नीति को बदलवाना हागे। लेि कन पाकी सने  अपनी नीति बदलने की जगह अमेरिका से दो सौदे करना चाहती है – 1. अमेरिका अफगानिस्तान में भारत को बढ़ावा देना बंद करे और वहां उसके ‘स्टंेटेजिक इंटंेस्ट्स’ को मान्यता दे और 2. उसे भारत में खुला खेल खेलने का खुला मौका दे। अगर अमेरिका, पाकिस्तानी सेना की ये बातंे मानता है तो ठीक है, वरना पाकिस्तान न तो अफगानिस्तान में अपने आतंकियांे पर लगाम लगाएगा और न ही उसे अफगानिस्तान तक सैनिक सहायता पहंुचाने के लिए रास्ता देगा। पाकिस्तान ने अब अमेरिका को ये धमकी देना भी शुरू कर दिया है कि अगर अमेरिका उसके साथ ऐसे ही सख्ती करता रहा तो वो चाइना-पाकिस्तान इकाॅनाॅमिक काॅरीडोर का न सिर्फ चीनी सहायता से सैन्यीकरण कर देगा, बल्कि ग्वादर पोर्ट पर भी चीन का सैनिक अड्डा बनवा देगा।
स्पष्ट है पाकिस्तानी उन्हीं आतंकवादियों को सौदेबाजी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं जिन्हें अमेरिका खत्म करना चाहता हैं। ये एक आरे तो अमेि रका में अपने बच्चांे को पढा़ ना आरै बसाना चाहते हैं तो दूसरी तरफ उसी पर आंख तरेर रहे हैं। ऐसे में अब अमेरिका को चाहिए कि वो पाकिस्तान की सफाई से पहले अपने यहां सक्रिय पाकी लाॅबी को ध्वस्त करे और अपने यहां बसे हर पाकिस्तानी को वापस भजे  आरै अपने नटै  सहयाेि गयांे पर भी इसके लिए दबाव डाल।े जब तक पाकी जनरलांे आरै सभ्ं ाा्र तं वर्ग के आर्थिक और व्यक्तिगत हितों पर चोट नहीं होगी, आतंकवाद के प्रति उनका रवैया नहीं बदलेगा।

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